UNDERSTANDING OCTAVES & ITS TYPES (NOTES 4)
सप्तक किसे कहते है?
क्रमानुसार सात शुद्ध स्वरों के समूह को सप्तक(Octave) कहते है। प्रत्येक सप्तक में सा के बाद रे, ग, म, प, ध, नि स्वर होते।हैं। नि के बाद पुनः सां आता है और इसी स्वर से दूसरा सप्तक शुरू हो जाता है। इस सां को हम पिछ्ले सप्तक का अंतिम स्वर या दूसरे सप्तक का प्रथम स्वर भी कह सकते है।
अतः सा से नि तक एक सप्तक होता है।
सप्तक 3 प्रकार के होते हैं-
1. मंद्र सप्तक (Lower Octave)
धीमी आवाज़ वाले सप्तक को मंद्र सप्तक कहा जाता है। इस सप्तक की आवाज़ मध्य सप्तक के स्वरों से दुगनी नीची होती है। इस सप्तक के स्वरों के नीचे बिंदु लगाई जाती है। जैसे सा़, रे़, ग़, म़, प़, ध़ नि़
2. मध्य सप्तक (Middle Octave)
जिस सप्तक में हम साधारणतः अधिक गाते-बजाते हैं, मध्य सप्तक कहलाता है। इस सप्तक के स्वरों का प्रयोग अन्य सप्तक के स्वरों की अपेक्षा अधिक होता है। यह मंद्र और तार सप्तक के बीच मे होता है।
3. तार सप्तक (Higher Octave)
इस सप्तक की आवाज़ मध्य सप्तक से दुगुनी ऊँची तथा मंद्र सप्तक से चौगुनी ऊंची होती है। इस सप्तक के स्वरों के ऊपर बिंदु लगाई जाती है। जैसे सां, रें, गं, मं, पं, धं, निं
Courtesy:
राग परिचय-भाग -1 हरिशचंद्र श्रीवास्तव

Comments
Post a Comment
If you have any questions, requests, suggestions on the blog,
feel absolutely free to ask in the comment box or directly email at thebengoliboyvlogs@gmail.com.
We try to get back to our visitors as soon as we can!
Also see our 'Contact Us' page for more details.